Tuesday, February 16, 2021

Atishay Kshetra Aahu, Dhar

Shree Sankat Mochan Bhagwan Parshwanath Digambar Jain Atishay Kshetra Aahu, Dhar, Madhya Pradesh

इन्दौर नगर से ६५ कि.मी. एवं धार नगर से १३ कि.मी. दूर पश्चिम दिशा में श्री संकटमोचन आहू पार्श्वनाथ दि.जैन अतिशय क्षेत्र, आहू में स्थित है। इन्दौर-धार-अहमदाबाद मार्ग से जुड़ा होने के कारण यहाँ आवागमन सुलभ है। 

इस मदिर की एक बहुत ही प्रचलित कथा है. कहा जाता है उस समय मालवा की भूमि पर धार नगरी में राजा भोज का राज्य था.  राजा ने किसी आवेश में आकर आचार्य मानतुंग स्वामी को ४८ कोठरियों में (बन्दीगृह में) बन्द कर दिया था. तब आचार्य ने भगवान आदिनाथ की अटूट भक्ति की और ४८ काव्यों की रचना की जिसके फलसरूप उस बन्दीगृह के ४८ ताले स्वयमेव टूट गए, भक्ति का ऐसा अदभुत चमत्कार देखकर राजा भोज को भी मुनिराज के समक्ष नतमस्तक होना पड़ा। यह स्तोत्र आज भक्तामर स्तोत्र के नाम प्रसिद्ध हुआ है।

इस प्राचीन अतिशय क्षेत्र पर भगवान की एक फुट ७ इंच पार्श्वनाथ की अवगाहना प्रमाण चमत्कारिक
प्रतिमा
500 वर्ष पुरानी है। लोक व्यवहार में इसके चमत्कारिक प्रसंग कहे और सुने जाते हैं। खा जाता है की पहले यह पर चैत्यालय था किन्तु लगभग 150 वर्ष पूर्व चैत्यालय को मन्दिर में रूपान्तरित किया गया। संतों की प्रेरणा से मन्दिर जीर्णोद्धार एवं क्षेत्र का विकास कार्य प्रगति पर है। 

Map 

   

वार्षिक मेला

प्रतिवर्ष पौष वदी ग्यारस के दिन यहाँ वार्षिक मेला लगता है, जिसमें हाथी, घोड़े , बग्घियाँ आदि रहती हैं। भारतवर्ष के कई भागों से यात्रीगण प्रतिदिन यहाँ अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने आते रहते हैं।

क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएँ

क्षेत्र पर जयसागर धर्मशाला है। ३ कमरे और १ हाल भी है। भोजनशाला आदि की सुविधा नहीं है। 

आवागमन के साधन

रेल्वे स्टेशन - इन्दौर - 65 कि.मी.
बस स्टेण्ड - धार - 13 कि.मी.
पहुँचने का सरलतम मार्ग - सड़क मार्ग व्हाया धार
निकटतम प्रमुख नगर - धार - 13 कि.मी.

समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र 

मानतुंगगिरि-13 कि.मी.,
बनेड़िया-75 कि.मी.,
बावनगजा (चूलगिरि)-122 कि.मी.
कागदीपुरा-38 कि.मी.,
मांडव-52 कि.मी.

नाम एवं पता 

श्री संकटमोचन आहू पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, आहूजी (धार)
ग्राम - आहू, जिला - धार (मध्यप्रदेश)
पिन - 454001
टेलीफोन - 07292-232370, 098260 65200

यह भी पढ़ें-

1. Gomatgiri        
2. Maksi              
3. Pushpgiri
4. Sidwarkut 



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