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Jinshaasanashtak
"जिनशासनाष्टक" रत्नात्रयमय जिनशासन ही महावीर का शासन है। क्या चिंता अध्रुव की तुझको, ध्रुव तेरा सिंहासन है ।।टेक॥ द्रव्यदृष्टि...
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भोर वंदन किसी की अर्थी यात्रा में जाओ तो.. तो यह मत समझना की आप उसे उसकी मज़िल पर ले जा रहे हैं.. बल्कि यह समझना की अर्थी पर लेटा इंसान.. म...
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पाँच क्या-क्या होते हैं पांच होते हैं - 1. व्रत पाँच -1.अहिंसा, 2. सत्य, 3.अचौर्य, 4.ब्रम्हचर्य, 5.अपरिग्रह। 2. पाप पाँच - 1.हिंसा, ...
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श्री दिगम्बर जैन मानतुंगगिरि तीर्थक्षेत्र, आमखेड़ा, धार (मध्यप्रदेश) भारत भूमि पर एक ऐसा अतिशय तीर्थ क्षेत्र है जो कि जैन दर्शन के भक्ताम...
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